विजयलक्ष्मी पूजा
शुक्रवार के दिन को मां लक्ष्मी के लिए बहुत खास माना जाता है। वैभव और धन की देवी लक्ष्मी को खुश करना बहुत सरल है। यदि श्रद्धा भाव से इनकी पूजा की जाए तो देवी लक्ष्मी अपने भक्तो पर प्रसन्न हो जाती हैं। शुक्रवार को अष्टलक्ष्मी के विजयलक्ष्मी स्वरूप की पूजा करनी चाहिए ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं।
जाने माँ विजयलक्ष्मी के स्वरूप को
- माँ लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है।
- देवी लक्ष्मी के आठ रूप का वर्णन शास्त्रों में है। इन्ही आठ रूपों में से एक विजयलक्ष्मी है।
- विजय लक्ष्मी को जीत का प्रतीक माना गया हैं।
- देवी विजयलक्ष्मी को जया लक्ष्मी भी कहा जाता हैं।
- देवी जया लक्ष्मी ने अपने इस स्वरुप में लाल रंग के वस्त्र धारण किये हुए है।
विजयलक्ष्मी पूजा के लाभ
- विजयलक्ष्मी पूजा से किसी भी विवाद में जीत प्राप्त होती है।
- माँ विजयलक्ष्मी जीवन में जीत और वर्चस्व को सम्बोधित करती हैं।
- इनकी पूजा से घर में धन आगमन के रास्ते खुलते है।
- विजयलक्ष्मी पूजा से आपके बिगड़ते काम बनने लगते हैं और सभी कामो में सफलता प्राप्त होती है।
- विजयलक्ष्मी पूजा से आपको माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं।
विजयलक्ष्मी पूजा के मंत्र
ॐ क्लीं ॐ।।
विजयलक्ष्मी पूजा के लिए आवश्यक जानकारी
इस पूजा को संपन्न कराने के लिए हमें निम्नलिखित जानकारी की आवश्यकता होती है।
- जन्मतिथि, जन्म का समय, जन्म स्थान, गोत्र आदि जरूर दे।
- यदि आप एक से अधिक लोगों के नाम पर विजयलक्ष्मी पूजा संपन्न कराना चाहते हो तो आपको हमें उनकी नाम, जन्म तिथि, जन्म स्थान और गोत्र आदि की जानकारी देनी अनिवार्य हैं।
विजयलक्ष्मी पूजा किस तरह संपन्न होगी
- पूजा के लिए सारी जानकारी हमें प्राप्त होने के बाद आपको विजयलक्ष्मी पूजा की राशि अदा करनी होगी।
- विजयलक्ष्मी पूजा की राशि का भुगतान करने के बाद हम आपको पूजा का मुहर्त बताते हैं।
- विजयलक्ष्मी पूजा कितने दिनों तक चलेगी और पूजा में कितने पंडित शामिल होंगे।
- यह सभी जानकारी आप को विजयलक्ष्मी पूजा से पहले ही दे दी जाती हैं।
- पूजा समाप्त होने के बाद विजयलक्ष्मी पूजा का प्रसाद आपके दिए हुए घर के एड्रेस पर पहुंचा दिया जाएगा।
यदि आपके मन में विजयलक्ष्मी पूजा से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो हमें कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।